Sir Chhoturam Blog

जाटों की रियासतें 0

सन् 1947 तक जाटों की रियासतें

सन् 1947 तक जाटों की रियासतें 15 अगस्त 1947 तक जाटों की निम्नलिखित रियासतें थीं – हिन्दू जाट रियासतें भरतपुर, धौलपुर, मुरसान, सहारनपुर, कुचेसर, उचागांव, पिसावा, मुरादाबाद, गोहद और जारखी। बल्लभगढ़ व टप्पा राया...

मल्लयुद्ध 0

मल्लयुद्ध (कुश्ती) जाटों का अपना खेल

मल्लयुद्ध (कुश्ती) जाटों का अपना खेल जाट तो जाट है लड़ाई हो या खेल, जंग-ए-मैदान में दुश्मन को पछाड़ा तो प्रतिद्वंद्वी की बनाई रेल।।’ कुश्ती का जन्म भारत में प्राचीन हरयाणा क्षेत्र में हुआ,...

गिल जाट गोत्र का इतिहास 1

गिल जाट गोत्र का इतिहास – शेरगिल जट्ट सिख गोत्र

गिल जाट गोत्र का इतिहास – शेरगिल जट्ट सिख गोत्र गिल जाट वंश है जो बौद्ध काल के साथ ही प्रचलित हुआ। इसके विषय में दो तरह के ऐतिहासिक लेख हैं। पहला उदाहरण: भारत...

श्योराण 0

श्योराण जाट गोत्र

शिवराण, श्योराण, सौराण यह श्योराण प्राचीन जाट गोत्र है। भारतीय साहित्य में इसका नाम शूरा लिखा है (महाभारत 2/13/26)। आजकल मध्य एशिया में इसे शोर बोला जाता है। महाभारत में इन शूरा लोगों को...

जाट धर्मेन्द्र 0

जाट धर्मेन्द्र के वो किस्से जो आपने कभी नहीं सुने होंगे

जाट धर्मेन्द्र के वो किस्से जो आपने कभी नहीं सुने होंगे महम चौबीसी से तो हम सभी परिचित हैं, ये जाटों के 24 गाँवों की खाप है जिसमें सह-जातियाँ भी सम्मिलित होती हैं। लेकिन...