ग्रेवाल जाट गोत्र का इतिहास – Sikh Jatt Sarname

ग्रेवाल जाट गोत्र का इतिहास

ग्रेवाल जाट गोत्र का इतिहास – Sikh Jatt Sarname

ग्रेवाल-ग्रहवार-गहरवार

यह एक प्राचीन राजवंश है जो चन्द्रवंश की शाखा है। पांचाल जनपद से मिले लेखों में राजा महोतल का वंश गहरवार लिखा है। गहरवार, ग्रहवार, ग्रेवाल एक ही हैं जो भाषाभेद से अलग-अलग बोले जाते हैं।

इस वंश का निवास चुनारगढ़ के किले से इलाहाबाद तक पाया जाता है जो पहले जाट थे, फिर राजपूत संघ में मिलकर सब राजपूत कहलाते हैं। मिर्जापुर में 7 लाख आय की विजयपुर और इलाहबाद में गढ़मांडो राजपूत गहरवारों की प्रसिद्ध रियासतें थीं।

जाट ग्रेवाल जिला लुधियाना में नारंगवाल, किला रायपुर, मेमनवाला, ललतों कलां, गुजरवाल, झांलड़ा, बुड्ढोवाल, परोवाल, कुलावास, ध्रीके नामक बड़े-बड़े 52 गांवों में बसे हुए हैं।

ग्रेवाल जाट गोत्र का इतिहास – Sikh Jatt Sarname

यह वंश शिक्षा में सबसे बढ़कर है। सेना और शासन में कोई पद ऐसा नहीं जिस पर इस वंश के वीर न पहुंचे हों।

एशिया, यूरोप, अमेरिका, कनाडा का कोई ऐसा कोना नहीं जहां भारतीय लोग न बसते हों और उनमें लुधियाना का ग्रेवाल न हो।

Gurbir Singh Grewal
Gurbir Singh Grewal

सरदार गुरबीर सिंह ग्रेवाल एक अमेरिकी वकील और अभियोजक हैं, जिन्होंने 2018 के बाद से न्यू जर्सी के राज्य के साठवें अटॉर्नी जनरल के रूप में कार्य किया है। न्यू जर्सी के गवर्नर फिल मर्फी द्वारा नियुक्त किया गया था, जनवरी में न्यू जर्सी राज्य द्वारा पुष्टि की गई थी।

साधारण व्यवसायों से लेकर ऊंचे से ऊंचे व्यापारों में इनकी पहुंच है। मोटर पार्ट्स की दुकानदारी, टैक्सी बसों के संचालन तथा ट्रान्सपोर्ट व्यवसाय में इसकी बहुसंख्या उल्लेखनीय है।

इन्होंने गांव-गांव में लड़के, लड़कियों के स्कूल, कालिज और हस्पतालों का वह सुन्दर आयोजन किया हुआ है जो लुधियाना जाकर देखने योग्य है।

लुधियाना में सैंकड़ों कोठियां ग्रेवाल जाटों की हैं। पंजाब में ग्रेवाल जाट सिक्ख धर्मी हैं।

राजस्थान में शेखावाटी झुंझनूं के क्षेत्र में ग्रहवार जाटों के 40 गांव हैं। दिल्ली में बिजवासन, नंगला और हरयाणा में बामला, महम 1/2 गांव ग्रेवाल जाटों के हैं।

ग्रेवाल जाट गोत्र का इतिहास
ग्रेवाल जाट गोत्र का इतिहास

सन्त बाबा सावनसिंह जी

परम सन्त बाबा सावनसिंह जी – ग्रेवाल जाटों के गांव मेमनसिंहवाला के सरदार काबिलसिंह के पुत्र सावनसिंह जी हुए। आप जन्म से ही ईश्वरभक्त थे। आपका जीवन मिलिट्री इंजीनियर के रूप में विकसित हुआ।

इन्हीं दिनों आपका परिचय राधा स्वामी मत से हुआ। व्यास गद्दी के श्री महन्त जयमलसिंह जाट ने आप को ही अपना उत्तराधिकारी बनाया। आपने इस पद पर रहकर जनता की आध्यात्मिक उन्नति के लिए विशेष प्रयास किया।

आपने 8000 व्यक्तियों के बैठने योग्य एक विशाल हाल व्यास गद्दी के लिए बनवाया तथा इस कालोनी को डेरा बाबा जयमलसिंह के नाम पर प्रसिद्धि दी, जिसमें सभी आधुनिक सुविधायें सुलभ हैं। आपने अपना उत्तराधिकारी अपने पौत्र श्रीयुत चरणसिंह जी B.A. LLB को बनाया।

परम जाट सन्त बाबा सावनसिंह का जन्म 27 जुलाई 1858 ई० को हुआ तथा उनका स्वर्गवास 2 अप्रैल 1948 को हो गया।

प्रतिवर्ष 31 दिसम्बर को बाबा जयमलसिंह जी के जन्म दिवस पर तथा 27 जुलाई को परम सन्त बाबा सावनसिंह के जन्मदिन पर डेरा व्यास पर बड़ा भारी सत्संग होता है जिसमें लाखों लोग उपस्थित होते हैं।

देशवाल जाट गोत्र का इतिहास

ग्रेवाल जाट गोत्र का इतिहास – Sikh Jatt Sarname

about
Author Randhir Singh

हरियाणा में निवास स्थान

भिवानी जिले में गाँव
बामला, बारवास, चांदनी, घासोला, जताई भिवानी, नौरंगाबाद,

रोहतक जिले में गाँव
समचाना (समचाना), मेहम (महम), मरोधी (माड़ौधी), रोनकपुरा (रोनकपुरा])

महेंद्रगढ़ जिले में गाँव
बापरोली (नारनौल)

हिसार जिले में गाँव
कुंभ, राजली, सतरोड़ खस, सुंदवास

सोनीपत डिस्ट्रिक्ट में गाँव
माछरी (माछरी),

झज्जर जिले में गाँव
ससरौली,

कैथल जिले में गाँव
चंचक,

दिल्ली में गाँव

सबसे बड़ा गॉंव हैं, बिजवासन (उन्हें चौथईया के रूप में जाना जाता है क्योंकि उनके पास 1/4 हिस्सा भूमि थी जबकि गाँव में वे एक छोटे समूह थे,)
अन्य गॉंव हैं, नंगली जालिब

गिल जाट गोत्र का इतिहास

पंजाब में आबादी ग्रेवाल

Grewal Jat Gotra

(नीचे दिए जिलों में बिखरे हुए जनसंख्या के गॉंव) –

खरर (मोहाली जिला) के निकट कोगा, राजल (पटियाला जिला के निकट), सूरगढ़ कलां, लोहगढ़, दुलै, थ्रीके, चौपकी, बरवाल, ग्रेवाल, हवास, सिरहा (चूड़ी गोकु वाला), माजरी, सुखना, महमूदपुर, औंधलू, चौबकी, कादियान। , बामला और चांदनी

लुधियाना जिले में गाँव

अस्सी कलां, बडोवाल, बल्लोवाल, बिहला, बुर्ज पक्का, बुटाहरी, चमिंडा, डाड, धिपई, ढंडरा, डोलन कलां, डोलोन खुर्द, गुर्जरवाल, हुमायूंपुरा, जस्सोवल सुधन, झंडे, जोधन, खंजरके, खवाकेके, खैरेके, खैरेके, खैरेके कलन, लालटन खुर्द, मंसूरन, महम सिंह वाला, महमूदपुर, नारंगवाल, नूरवाल, फल्लेवाल, रायपुर, सहौली, सरभा, ठक्करवाल,

पंजाब के लुधियाना जिले में गुजरवाल एक जाना-माना गाँव है, और गाँव के लगभग सभी भू-स्वामी परिवार ग्रेवाल या गरेवाल जाट हैं।

इस गाँव के कई सदस्यों (ग्रेवाल) ने ब्रिटिश और स्वतंत्र भारतीय सेना, नागरिक और पुलिस सेवाओं और राजनीति में महत्वपूर्ण पदों पर रहे।

उदाहरण के लिए, पंजाब के मुख्यमंत्री (शायद), अविभाजित पद के इंटेलिजेंस चीफ स्वतंत्र पंजाब और कश्मीर, कॉलेज प्रिंसिपल, उच्च रैंकिंग वाले सैन्य अधिकारी, और इसी तरह।

यह गाँव के नाम से प्रतीत होता है कि इसका मूल नाम जाट परिवारों के मालिक के बाद “ग्रेवाल” हो सकता था, लेकिन समय के साथ “ग्रेवाल” के बजाय “गुजरावल” के रूप में नाम का उच्चारण किया जाने लगा।

लुधियाना जिले में ग्रेवाल की आबादी 45,336 है। यह कबीला मूल रूप से लुधियाना जिले का है जहां इसके लगभग 75 गांव हैं।

रूपनगर जिले के गाँव

फूलपुर गरेवाल, पंजाब में रूपनगर जिले के रूपनगर तहसील का गाँव है।

पटियाला जिले के गाँव
पटियाला जिले में ग्रेवाल की आबादी 10,680 है।

खोखर जाट गोत्र का इतिहास

Notable persons

ग्रेवाल जाट गोत्र का इतिहास
ग्रेवाल जाट गोत्र का इतिहास
  • Sant Sawan Singh (1858-1923) (संत सावन सिंह ) born in a family of Sardar Kabal Singh of Jat Gotra Garewal in village Mahimasinghwala, district Ludhiana, Punjab.
  • Baba Alto (बाबा आल्टो ) – Grewal Gotra.
  • शेरे दिल तार सिंह शराबा – ग्रेवाल गोत्री जाट और शहीद भगत सिंह के आदर्श जिनको फांसी की सजा सुनाने के चार महीने बाद जब फांसी हुई तो 8 किलो वजन बढ़ा हुआ मिला । Kartar Singh – From Village Sarabha – Freedom Fighter.
  • Raj Singh s/o Bharat Singh- Village Baproli
  • Ram Kishan Grewal
  • Simi Grewal – Actress.
  • Ravjot Grewal – IAS-2014, Rank-109.
  • Prof. Jagtar Singh Grewal: Padma Shri – 2005, Chandigarh, Litt. & Edu.
  • Narender Grewal (born 7 November 1993) is an Indian wushu competitor. He was born in Rohtak, Haryana, India. He won a bronze medal in the men’s 60-kg Sanda at the 2014 Asian Game
  • Rohit Grewal– Village Samchana Rohtak Haryana- National President of Human Rights Protection Federation

राजस्थान में

इमलीवाला फाटक (जयपुर),

धौलपुर जिले के गाँव
धौलपुर,

गंगानगर जिले के गाँव
21 एच, हक्माबाद, 16Z, 17Z, 19z

मध्य प्रदेश में

रतलाम जिले के गाँव
रतलाम 1,

उत्तर प्रदेश में

जे पी नगर जिले में गांवों
जमनपुर एमनीपुर, लोधीपुर बंजारा, अनंतना,

मेरठ जिले में गाँव
रूहासा, कल्याणपुर

हापुड़ जिले में गाँव
नवादा कलां, पाओटी,

पाकिस्तान में ग्रेवाल जाट गोत्र का इतिहास

ग्रेवाल जाट चंदेल राजपूत वंश का दावा करते हैं। ग्रेवाल की मुस्लिम शाखा लुधियाना जिले में केंद्रित थी। वे अब फैसलाबाद, साहीवाल और सरगोधा जिलों में बिखरे हुए हैं।

कादियान जाट गोत्र का इतिहास

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4 thoughts on “ग्रेवाल जाट गोत्र का इतिहास – Sikh Jatt Sarname”

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