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जाट धर्मेन्द्र के वो किस्से जो आपने कभी नहीं सुने होंगे

जाट धर्मेन्द्र

जाट धर्मेन्द्र के वो किस्से जो आपने कभी नहीं सुने होंगे

महम चौबीसी से तो हम सभी परिचित हैं, ये जाटों के 24 गाँवों की खाप है जिसमें सह-जातियाँ भी सम्मिलित होती हैं। लेकिन जाट बाईसी का नाम बहुत कम लोगों ने सुना होगा । जाट बाईसी पूरी ऐतिहासिक घटना पर आधारित है।

बम्बई से 180 कि. मी. दूर महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले की मालेगांव तहसील में जाटों के इकट्ठे छोटे-छोटे 22 गाँव हैं। पानीपत की तीसरी लड़ाई में पेशवा ब्राह्मण मराठे लगभग 4 हजार परिवार अपने साथ लाये थे।

जब लड़ाई में इनकी हार हुई तो कुछ परिवार मारे गये और बचे-खुचे परिवारों ने भरतपुर नरेश महाराजा सूरजमल के राज क्षेत्र व किलों में पनहा ली थी।

महाराजा सूरजमल ने कड़कती सर्दी (जनवरी 1761) में इनको पूरे अतिथि सत्कार के तहत घायलों आदि की देखभाल की तथा इन परिवारों को इनके घरों तक सकुशल पहुंचाने के लिए अपनी सेना के सिपाही साथ भेजे जो उन्हें बड़ी इज्जत और सम्मान के साथ वहाँ उनके घरों तक ले गये, जो उस समय किसी भी कल्पना से परे था।

महाराजा सूरजमल और रानी किशोरी की शानदार मेहमानबाजी तथा इन सिपाहियों की जिन्दादिली इंसानियत पर मराठा समाज कायल हो गया और इस समाज ने ऐसे नेक सिपाहियों, जिनकी शादियां नहीं हुई थी, को अपनी बेटियां देकर अपनी जम़ीन पर बसाने का फैसला लिया।

समय अपनी गति से चलता रहा और आज लगभग 250 वर्ष बाद इनके 22 गाँव आबाद हो गये जो आज किसानी करके अपना निर्वाह करते हैं। इनके साथ भी वही हुआ जो आन्ध्रप्रदेश के गोलकुण्डा किले के विजेताओं के साथ हुआ या हो रहा है।

जाट इतिहास व शासन की विशेषताएं
जाट इतिहास व शासन की विशेषताएं

क्या विश्व के इतिहास में ऐसा कोई दूसरा भी उदाहरण हैं? महाराजा सूरजमल की आलोचना करनेवालों के मुंह पर यह एक तमाचा है।

यहाँ के तोखड़ा गाँव में फिल्म अभिनेता व नेता धर्मेन्द्र जी ने अपनी माता सन्तकौर देवी के नाम हाई स्कूल बनवाया है। धर्मेन्द्र जी ने मुम्बई महानगर में पहली बार जाट सभा व जाट भवन की स्थापना की जिस पर जाट जाति को गर्व होना चाहिए।

इन जाटों के गोत्र हैं – मान, जाखड़, सिहाग, सहरावत, दहिया, बिजानियां, झिंझर, नीमड़िया, पूनिया, गिल, बैनीवाल और सांगवान (70 परिवार) आदि,

इस जाट बाईसी के वर्तमान में चौ. धनसिंह सहरावत प्रधान हैं जिनका पता हैं:- गाँव – नारादाना, डाकखाना – कलवाड़ी, तहसील – मालेगांव जिला नासिक (महाराष्ट्र राज्य) (एक शोध प्रयास – लेखक)।

  • 8 दिसम्बर 1935 को सर छोटूराम के संयुक्त पंजाब (हरियाणा, हिमाचल, भारतीय पंजाब + पाकिस्तानी पंजाब) में जन्मे फिल्म अभिनेता और‍ निर्माता धर्मेन्द्र का पूरा नाम धरम सिंह देओल है।
  • जाट धर्मेन्द्र के पिता जी एक सरकारी स्कूल में हेडमास्टर थे।
  • अपने गांव से मीलों दूर धर्मेन्द्र ने एक सिनेमाघर में सुरैया बानो की फिल्म ‘दिल्लगी’ देखी और इससे वे इतने प्रभावित हुए कि अपना करियर उन्होंने फिल्मों में बनाने का निश्चय किया।
  • धर्मेन्द्र ने 40 दिनों तक लगातार रोजाना ‘दिल्लगी’ फिल्म देखी और इस फिल्म देखने के‍ लिए रोज मीलों पैदल चले।
  • जाट धर्मेन्द्र को जब पता चला कि फिल्मफेअर नामक पत्रिका नई प्रतिभा की खोज कर रही है तो उन्होंने भी अपना फॉर्म भरकर भेजा।
जाट धर्मेन्द्र
The Great Jat
  • जाट धर्मेन्द्र ने कही से भी, कभी भी, कोई भी अभिनय नहीं सीखा था। इसके बावजूद उन्होंने तमाम प्रतिभाशाली लोगों को पीछे छोड़ा और वे इस टैलेंट हंट में चुन लिए गए।
  • जट्ट धर्मेन्द्र को लगा कि अब उन्हें फिल्मों में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता, लेकिन ये बातें महज एक सपना साबित हुईं। उन्हें जमकर संघर्ष करना पड़ा। कई बार सिर्फ चने खाकर बेंच पर सोकर उन्हें रात बितानी पड़ी। (एक जाट सैनिक मुट्ठी भर खाकर भी कई हफ्तों तक लड़ सकता हैं, यह कहावत उन्होंने पूरी कर दी )
  • कई फिल्म निर्माताओं के दफ्तर में चक्कर लगाने के लिए वे रोज मीलों पैदल चलते थे ताकि पैसे बचा सके और उससे कुछ खाना खा सके।
  • एक बार जाट धर्मेन्द्र के ‍पास भोजन खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। थके-हारे वे अपने रूम पहुंचे जहां टेबल पर उनके रूम पार्टनर का ईसबगोल का पैकेट रखा हुआ था। भूख मिटाने के लिए धर्मेन्द्र ने पूरा का पूरा ईसबगोल खा लिया। सुबह हालत खराब हो गई और डॉक्टर के पास उन्हें ले जाया गया। तब उस डॉक्टर ने सारा माजरा सुन कहा कि इन्हें दवा की नहीं भोजन की जरूरत है।

जाट धर्मेन्द्र के वो किस्से जो आपने कभी नहीं सुने

जाट धर्मेन्द्र
जाट धर्मेन्द्र
  • माला सिन्हा, नूतन, मीना कुमारी जैसी उस दौर की नामी गरामी हीरोइन के साथ धर्मेन्द्र ने काम किया।
  • जाट धर्मेन्द्र का डील-डौल और शरीर पहलवानों जैसा था। जिसको देख कई निर्माताओं ने उन्हें अभिनय छोड़ अखाड़े जाने की सलाह दी। कइयों ने कहा कि पहलवान, गांव लौट जाओ।
  • फिल्म फूल और पत्थर धर्मेन्द्र के करियर की पहली बड़ी हिट थी। इसमें उन्होंने शर्टलेस होकर दर्शकों को चौंका दिया, लेकिन इसके लिए उन्हें आलोचना भी झेलनी पड़ी।
  • फिल्म फूल और पत्थर की शूटिंग के दौरान फिल्म अभिनेत्री मीना कुमारी से उनकी नजदीकियां चर्चा का विषय रहीं। मीना कुमारी के साथ रहते हुए उन्हें शायरी का शौक भी लगा और आज भी उन्हें सैकड़ों शेर याद हैं।
  • धर्मेन्द्र और मीना कुमारी की नजदीकियों से मीना कुमारी के पति कमाल अमरोही नाराज हुए। कई वर्षों बाद उन्होंने धर्मेन्द्र को लेकर ‘रजिया सुल्तान’ फिल्म बनाई। फिल्म के एक सीन में उन्होंने धर्मेन्द्र का मुंह काला करवाया। कहा जाता है कि उन्होंने इस तरह इस सीन को फिल्म में जानबूझ रखकर धर्मेन्द्र से बदला लिया।
जाट धर्मेन्द्र

जाट धर्मेन्द्र के वो किस्से जो आपने कभी नहीं सुने

  • जाट धर्मेन्द्र को भले ही एक्शन हीरो के रूप में जाना जाता है, लेकिन धर्मेन्द्र ने कई सफल हास्य और रोमांटिक फिल्में भी की हैं।
  • हिंदी फिल्म इतिहास के सबसे खूबसूरत हीरो में से धर्मेन्द्र एक माने जाते हैं। उनकी सेहत और चेहरे की चमक देख महान अभिनेता दिलीप कुमार (मुगले आजम के सलीम) ने एक बार कहा था कि वे अगले जन्म में धर्मेन्द्र जैसी शख्सियत पाना चाहते हैं।
  • दिलीप कुमार की जट्ट धर्मेन्द्र बेहद इज्जत करते हैं। वे उन्हें अपना बड़ा भाई मानते हैं और अक्सर दिलीप कुमार के पैरों में बैठते हैं। दिलीप कुमार से मिलने के लिए वे नियमित अंतराल से उनके बंगले पर जाते रहे हैं।
  • गोविंदा भी फिल्म अभिनेता धर्मेन्द्र के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। जब गोविंदा की पत्नी गर्भवती थीं तब उन्होंने अपनी पत्नी को जाट धर्मेन्द्र का फोटो दिया था ताकि उनका होने वाला बच्चा धर्मेन्द्र की तरह खूबसूरत हो। यह बात धर्मेन्द्र को पता चली तो उनकी आंखों से आंसू आ गए थे।
  • रितिक रोशन भी धर्मेन्द्र के जबरदस्त फैन हैं। बचपन में उनके कमरे में धर्मेन्द्र का बड़ा पोस्टर लगा हुआ था। कुछ वर्ष पहले रितिक के मस्तिष्क की सर्जरी हुई थी। ठीक होने के बाद सबसे पहला फोन उन्हें जाट धर्मेन्द्र का ही आया था।
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धर्मनिरपेक्षता असली जाट का मूल संस्कार:

जाट धर्मेन्द्र
  • सलमान खान के भी सबसे प्यारे हीरो धर्मेन्द्र हैं। इधर धर्मेन्द्र भी कई बार कह चुके हैं कि सलमान और उनमें कई समानताएं हैं और वे भी जवानी के दिनों में सलमान की तरह दबंग हुआ करते थे।
  • सलमान खान की फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ में काम करने के बदले में धर्मेन्द्र ने एक भी पैसा नहीं लिया था। फिल्म का लंबा आउटडोर शेड्युल था। सलमान के पिता सलीम खान ने अपने बेटों (सलमान और अरबाज) से कहा था कि वे अपने चाचा धर्मेन्द्र का विशेष ध्यान रखें।
  • 2004 में धर्मेन्द्र ने भारतीय जनता पार्टी के टिकट से बीकानेर से चुनाव लड़ा था और विजयी हुए थे, लेकिन बाद में उन्होंने अनुभव किया ऐसी धर्म आधारित राजनीती गंदे लोगों का काम हैं, हम जाट है सब धर्मो का आदर करते हैं।
  • धर्मेन्द्र की पहली शादी मात्र 19 वर्ष की उम्र में प्रकाश कौर से हुई। धर्मेन्द्र ने अपनी पहली पत्नी को मीडिया से सदैव दूर रखा।
  • जाट धर्मेन्द्र और हेमा मालिनी (ब्राह्मण) की जोड़ी बॉलीवुड इतिहास की प्रसिद्ध जोड़ियों में से एक है। दोनों ने देश को लगातार कई सुपरहिट फिल्में दी।
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  • लगातार हेमा मालिनी के साथ काम करते हुए गरम धरम ड्रीमगर्ल को अपना दिल दे बैठे। उस समय हेमा के पीछे संजीव कुमार और जीतेन्द्र जैसे अभिनेता भी लगे थे, लेकिन इनको पछाड़ कर धर्मेन्द्र ने बाजी मार ली और हेमा को अपना बना लिया।
  • कहा जाता है कि जीतेन्द्र और हेमा शादी करने वाले थे तब धर्मेन्द्र ने जीतेन्द्र की दूसरी गर्लफ्रेंड को इस बारे में बता दिया और शादी रूकवा दी।
  • शोले में वे ठाकुर का किरदार निभाना चाहते थे जबकि ‘शोले’ के निर्देशक रमेश सिप्पी चाहते थे कि धर्मेन्द्र, वीरू का रोल निभाए। धर्मेन्द्र नहीं माने तो रमेश ने धमकाते हुए कहा कि संजीव कुमार को वीरू बना दूंगा जो कि हेमा मालिनी का हीरो है। धमकी रंग लाई और धर्मेन्द्र फौरन वीरू का रोल निभाने के लिए तैयार हो गए।
  • शोले की शूटिंग के दौरान रोमांटिक सीन में धर्मेन्द्र जानबूझ कर गलती करते थे ताकि हेमा के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताने का मौका मिले। वे स्पॉट बॉय को भी गलती करने के पैसे देते थे।
  • धर्मेन्द्र ने हेमा से शादी करने के लिए बीकानेर की मस्जिद में धर्म परिवर्तन किया और इस्लाम अपनाया। जाट धर्मेन्द्र दिलावर खान और ब्राह्मणी हेमा जीनत बेगम बन गए।
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जाट धर्मेन्द्र के वो किस्से जो आपने कभी नहीं सुने

  • जाट धर्मेन्द्र ने अपने लंबे करियर में तमाम नामी निर्देशकों के साथ काम किया। जिनमें बिमल रॉय, ऋषिकेश मुखर्जी, यश चोपड़ा, बीआर चोपड़ा, रमेश सिप्पी, मनमोहन देसाई जैसे दिग्गज शामिल हैं।
  • धर्मेन्द्र को टाइम्स मैगजीन ने दुनिया के दस खूबसूरत पुरुषों में जगह दी थी।
  • 80 और 90 के दशक में धर्मेन्द्र ने जबरदस्त एक्शन भूमिकाएं निभाईं और उनके द्वारा बोला गया डाइलाग ‘कुत्ते मैं तेरा खून पी जाऊंगा‘ बहुत मशहूर हुआ था।
  • पहली पत्नी प्सेरकाश कौर से धर्मेन्द्र को दो बेटियां (विजयेता और अजीता) तथा दो बेटे (सनी और बॉबी) हैं। दूसरी पत्नी हेमा से उन्हें दो बेटियां (ईशा और आहना) हैं।
  • बॉबी देओल ने तो अपने एक बेटे का नाम भी उनके नाम पर धरम रखा है।
जाट धर्मेन्द्र
  • चार बार फिल्मफेअर पुरस्कार के सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी, एक बार श्रेष्ठ सहायक अभिनेता की श्रेणी और श्रेष्ठ कॉमेडियन की श्रेणी में धर्मेन्द्र का नामांकन हुआ, लेकिन उन्हें कभी यह पुरस्कार हासिल नहीं हुआ। उन्होंने फिल्मफेअर लाइफटाइम अचिवमेंट अवॉर्ड्स के दौरान कहा कि कई बार उन्हें इस उम्मीद के साथ नया सूट सिलवाया कि अवॉर्ड मिलेगा, लेकिन नहीं मिला।
  • जाट धर्मेन्द्र को बॉलीवुड का हीमैन, एक्शन किंग और गरम धरम कहा जाता है।
  • धरम को गुस्सा बहुत जल्दी आता है और उनके गुस्से के कई किस्से प्रचलित हैं। जितनी जल्दी वे गुस्सा होते हैं उतनी ही जल्दी शांत भी हो जाते हैं। उनका दिल सोने का है।
  • हीरो के रूप में धर्मेन्द्र ने लंबी पारी खेली। एक दौर ऐसा भी था जब बाप-बेटे दोनों हीरो के रूप में आते थे और धर्मेन्द्र अपने बेटे से कही आगे थे। सनी की हीरोइनों (अमृता सिंह, डिम्पल कपाड़िया, श्रीदेवी, जया प्रदा) के भी वे हीरो बने।
  • मल्टीस्टारर फिल्मों से धर्मेन्द्र ने कभी परहेज नहीं किया और तमाम स्टार्स के साथ स्क्रीन शेयर की।
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  • 70 के दशक में वे सबसे महंगे सितारों में से एक थे।
  • शालीमार और रजिया सुल्तान जैसी महंगी फिल्मों के बुरी तरह फ्लॉप होने पर धर्मेन्द्र का करियर खत्म मान लिया गया था, लेकिन उन्होंने जबरदस्त वापसी की।
  • एक अध्ययन के अनुसार ‘हाइएस्ट ग्रासिंग स्टार ऑफ ऑल टाइम’ की लिस्ट में धर्मेन्द्र का नंबर चौथा है।
  • 1987 में 52 वर्ष की उम्र में धर्मेन्द्र की 11 फिल्में रिलीज हुईं जिसमें से 7 सफल रहीं।
  • गुलजार ने धर्मेन्द्र को लेकर ‘देवदास’ फिल्म आरंभ की थी, जो कुछ दिनों की शूटिंग के बाद बंद हो गई।
जाट धर्मेन्द्र
  • धर्मेन्द्र ने अपने लंबे करियर में कई हिट फिल्में दी और देश-विदेश में फैले अपने करोड़ों प्रशंसकों का अपनी फिल्मों से मनोरंजन किया।
  • शराब जाट धर्मेन्द्र की कमजोरी रही है और शराब को लेकर उनके कई किस्से हैं
  • धर्मेन्द्र ने कुछ बी ग्रेड फिल्मों में भी काम किया है। जब आलोचना बेटे सनी देओल तक पहुंची तो सनी के कहने पर उन्होंने इस तरह की फिल्मों में काम करना बंद कर दिया।
  • डांस हमेशा धर्मेन्द्र की कमजोरी रहा है। वे गानों में अपनी स्टाइल से डांस करते थे। उनके कुछ सिग्नेचर मूव्ज़ है जिसकी नकल कई सितारों ने की है। ‘मैं जट यमला पगला दीवाना’ में उनका यह डांस देखते ही बनता है।
  • अपने दोनों बेटों, सनी और बॉबी, के साथ धर्मेन्द्र का खास रिश्ता है। प्यार और एकता की मिसाल है यह परिवार जिसके रिश्ते की मजबूत दीवार में कभी दरार नहीं देखी गई। धर्मेन्द्र ने अपने बेटों के साथ अपने, यमला पगला दीवाना और यमला पगला दीवाना 2 में काम किया है।

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